शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

हिन्दी में अधिकाधिक कार्य करने का आह्वान

हिन्दी में अधिकाधिक कार्य करने का आह्वान

जोधपुर। हिन्दी एक सहज एवं सरल भाषा है तथा हम सभी को मिलकर इसे सम्पूर्ण देश में आम बोलचाल की भाषा के रूप में विकसित करना चाहिए ताकि हिन्दुस्तान में हिन्दी आपस में संवाद की मुख्य भाषा बन सके। यह उद्गार डॉ. जीके लोहरा ने शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) जोधपुर के सभागार में हिन्दी सप्ताह के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। डॉ. लोहरा ने सभी से हिन्दी में अधिकाधिक कार्य करने का आह्वान किया।

आफरी निदेशक एमआर बालोच ने बताया कि वर्तमान में हिन्दी सॉफ्टवेयर एवं अन्य तकनीकी के कारण हिन्दी का प्रचार प्रसार बढ़ा है। भारत में 57 प्रतिशत लोग हिन्दी भाषा बोलते है तथा इनमें भी 44 प्रतिशत की मातृभाषा हिन्दी है। लगभग 60 स्थानीय बोलिया हिन्दी में समाहित है। उन्होंने हिन्दी के उद्भव एवं विकास तथा हिन्दी के वैज्ञानिक शब्दावली आयोग आदि के बारे में बताते हुए हिन्दी में अधिकाधिक कार्य करने तथा वैज्ञानिक शोध परिणामों को हिन्दी में प्रकाशित करने तथा उनके प्रचार प्रसार की महत्ता बताई। आफरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जी. सिंह ने हिन्दी को बढ़ावा देने की वकालत की। कार्यक्रम के आरम्भ में सहायक निदेशक राजभाषा कैलाश चन्द गुप्ता ने राजभाषा की प्रगति एवं वर्षभर में कार्ययोजना के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन अजय वशिष्ठ ने किया। कार्यक्रम में हिन्दी सप्ताह के दौरान हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।



source https://krantibhaskar.com/hindee-mein-adhikaadhik-kaar/

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