जोधपुर। जय गच्छाधिपति 12वें पट्टधर आचार्य पाश्र्वचंद महाराज की साध्वी शारदाकंवर महाराज, साध्वी भारती, साध्वी शुभम्प्रभा, साध्वी सुधर्मप्रभा की निश्रा में जयमल महाराज का 312वीं जयंती महोत्सव तप, त्याग, आराधना के साथ सरदारपुरा स्थित हरकचंद चंपालाल कोठारी भवन में मनाया गया।
संघ सचिव राजेंद्र कटारिया ने बताया कि इस अवसर पर साध्वी शारदाकंवर ने धर्म की महत्ता एवं श्रद्वा पर जिनवाणी के माध्यम से विवेचन किया। उन्होंने कहा महापुरूष का नाम रखा नहीं जाता वे खुद नाम लेकर जन्म लेते है। पूज्य जयमलजी ने अपने जीवन में संघर्ष करते हुए साधना में आगे बढते हुए अनेकों कृतियों की रचना की है। इस अवसर पर अध्यक्ष राजेंद्र लूणिया ने बताया कि कार्यक्रम में चातुर्मास के दौरान तीन से अधिक उपवास करने वाले नेमीचंद आंचलिया, पूनमचंद मुणोत, श्रीमती पुष्पा चांबड, शोभा लूंकड, शोभा आंचलिया, मंजू लूणिया, मीना कटारिया, पदम भंडारी, शांतिदेवी लालवानी का संघ की ओर से बहुमान किया गया।
source https://krantibhaskar.com/jaymal-maharaj-ki-jayanti-celebrated/
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