गुरुवार, 22 अगस्त 2019

जल संरक्षण प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी

जल संरक्षण प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी

जोधपुर। शहर के पारंपरिक जल स्त्रोतों को बचाने को लेकर नगर निगम भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएगा। पारंपरिक जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति और वहां किए जा सकने वाले सुधार कार्यों को लेकर बुधवार को महापौर घनश्याम ओझा की अध्यक्षता में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में प्रसिद्ध आर्किटेक्ट अनु मृदुल ने निगम के तकनीकी अधिकारियों को जल संरक्षण प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि इस वर्कशॉप के माध्यम से आर्किटेक्ट अनु मृदुल ने एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

ओझा ने बताया कि शहर में लगभग 400 बावडिय़ाए कुँएए तालाब और झालरे है जो लंबे समय तक आमजन के लिए पारंपरिक स्रोत के रूप में काम आते रहे हैं। पिछले कुछ दशकों में जल स्रोतों का उपयोग नहीं करने और उपेक्षा करने के कारण यह जल स्रोत लगातार बदहाल हो गए। घनश्याम ओझा ने बताया कि जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्र सरकार में जल शक्ति मंत्री है और जल शक्ति मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे जलशक्ति अभियान के तहत शहर के कुछ कुँएए बावरियों को चिन्हित किया गया है जहां विभिन्न स्वयंसेवी संगठनोंए निजी कंपनियोंए भामाशाह के सहयोग से निगम उनका जीर्णोद्धार करवाया जाएगा। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि जल्द ही 15 से 20 बावरियों के द्वार का काम शुरू कर दिया जाएगा। निगम के माध्यम से जल शक्ति अभियान के तहत कुंए, बावरियों में आ रही सीवरेज लाइनों को हटाने, उनके आसपास साफ.सफाई की व्यवस्था करने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। आर्किटेक्ट अनु मृदुल ने बताया कि जोधपुर शहर में अनेकों ऐसे पारंपरिक जल स्रोत हैं जिन्हें यदि समय रहते संरक्षित किया जाए तो वह काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। बैठक में उप महापौर देवेंद्र सालेचा, एसई संपत मेघवाल सहित निगम के समस्त एक्सईएन, एईएन व जेईएन उपस्थित थे।

 

 



source https://krantibhaskar.com/water-conservation-project-ke/

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