जोधपुर। संत चंद्रप्रभ महाराज ने कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म की ओर से अखिल मानवजाति को दिया गया अमूल्य उपहार है। नवकार मंत्र में अनेक चमत्कारिक शक्तियां छिपी हुई है। जैन समाज की अमीरी के दो मुख्य कारण है-नवकार महामंत्र की आराधना और मुनिजनों की सेवा। भगवान महावीर के 27 सौ साल बाद भी जैन धर्म को एक सूत्र में किसी ने पिरोकर रखा है तो वह है नवकार महामंत्र। उन्होंने कहा कि जैन धर्म कोई पंथ या परंपरा नहीं वरन श्रेष्ठ जीवन जीने की शैली है।
संतप्रवर सोमवार को गांधी मैदान में चल रही प्रवचनमाला के तहत नवकार मंत्र से कैसे पाएं शांति और समृद्धि विषय पर शहरवासियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर आपके घर या दुकान में किसी भी तरह का ग्रह दोष या वास्तुदोष हो तो तोडफ़ोड़ करने और ज्योतिषियों के चक्कर काटने की बजाय मार्बल पर खुदे नवकार महामंत्र का पट्टा लगा लें सारे ग्रहदोष और वास्तु दोषों का निवारण हो जाएगा। अगर कोई 27 बार गंगाजल में नवकार मंत्र बोलकर मरीज को पिला दे तो उसकी आधी बीमारी स्वत: गायब हो जाएगी। चाहे आपका कोर्ट में केस अटका हो या व्यापार मंदा चल रहा हो, नए घर का शिलान्यास करना हो या पढ़ाई में मन न लग रहा हो, आप संतान को जन्म दे रही हों या किसी ने आप पर बुरी नजर डाल दी हों, मन में चिंता या अशांति हो या साधना सिद्ध न हो पा रही हो तो आप नवकार मंत्र की शरण लीजिए। नवकार मंत्र का जाप आपको संसार में भी सफलता दिलाएगा और साधना में भी सिद्धि दिलाएगा। नवकार मंत्र में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु इन पंच शक्तियों को प्रणाम किया गया है। नवकार मंत्र का हर अक्षर बीजाक्षर शक्तियों से युक्त है। उन्होंने कहा कि नवकार मंत्र के 9 पदों में कुल 68 अक्षर हैं। इसके जाप से हमें 68 तीर्थों की यात्रा का पुण्य फल प्राप्त होता है। अगर आपके ऊपर किसी का कर्ज़ चढ़ा हुआ है तो आप मात्र 90 दिन तक सवा लाख नवकार मंत्र का जाप करें, चमत्कारी ढंग से आपका कर्जा उतरना शुरू हो जाएगा। नवकार मंत्र के लिए अष्ट शुद्धि की आवश्यकता बताते हुए संत प्रवर ने कहा कि मंत्र जाप के समय स्थान शुद्ध हो, आसन शुद्ध हो, शरीर शुद्ध हो, मुख शुद्ध हो, उच्चारण शुद्ध हो, मन शुद्ध हो, पूर्व या उत्तर दिशा हो और विधि सही हो तो हमें इससे अद्भुत लाभ प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम में मंच संचालन अशोक पारख ने किया। चातुर्मास समिति के प्रवीण मेहता ने बताया कि मंगलवार को संत ललितप्रभ गांधी मैदान में सुबह 8.45 बजे राग द्वेष से कैसे पाएं छुटकारा विषय पर जनमानस को संबोधित करेंगे।
source https://krantibhaskar.com/jain-dharm-shreshth-jeevan-jeen/
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें