मंगलवार, 20 अगस्त 2019

पुलिस बेड़े को मजबूत करने में ट्रेनिंग की अहम भूमिका: डीजीपी

पुलिस बेड़े को मजबूत करने में ट्रेनिंग की अहम भूमिका: डीजीपी

 

442 महिला कांस्टेबल पुलिस बेड़े में हुई शामिल, डीजीपी ने दिलाई शपथ

जोधपुर। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. भूपेंद्रसिंह यादव ने कहा कि गुणवत्ता वाली ट्रेनिंग से पुलिस बेड़े को मजबूत करने में ट्रेनिंग अहम भूमिका निभाती है। ट्रेनिंग लेने वाले जवानों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र में जाकर पूरे विश्वास और निष्ठा से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करे।  वे सोमवार सुबह यहां सुल्तानसिंह स्टेडियम में राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के संयुक्त दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के बैच संख्या 76 व 77/2018 और पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के 35/2018 बैच के रिक्रूट कांस्टेबल पास आउट हुए। इसमें सभी बैंचों की कुल 442 महिला कांस्टेबल पुलिस बेड़े में शामिल हुई।

समोराह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक डॉ. भूपेंद्रसिंह यादव ने 442 महिला कांस्टेबलों को कत्र्तव्य परायणता की शपथ दिलाई। साथ ही ट्रेनिग के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और परीक्षाओं में अव्वल रही महिला कांस्टेबल को सम्मानित भी किया। डॉ. यादव ने परेड का निरीक्षण करने के साथ ही परेड की सलामी ली। उन्होंने अपने संबोधन में सामने आ रही चुनौतियों को पूरी विवेक, निष्ठा और तत्परता से निपटने का आह्वान किया। उन्होंने महिला आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि जितनी महिला भर्ती होने चाहिए उतनी नहीं हो पाती है। महिलाएं ज्यादा से ज्यादा पुलिस बेडे़ में शामिल हो। डॉ. यादव ने कहा कि परेड को देखकर आश्वस्त हुआ हूं कि आप सभी राजस्थान पुलिस की शान में गौरव प्रदान करेंगे। राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग सेंटर में शुमार है। यह भी गौरव की बात है। हम लोग मुश्किल परिस्थितियों में काम करते है। एक-एक संभाग एक एक प्रांत के बराबर है। आप सभी सामने खड़ी चुनोतियों से निपटने के लिए हमेशा तत्पर रहे। शक्ति व सद्भाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक साल में कई तरह के जो अनुभव हासिल किए है वे शक्ति का काम करेंगे लेकिन सद्भाव से जब दायित्व निभाएंगे तब सभी की उन्नति होगी। मन में अच्छे विचार से काम करने पर आत्मसंतुष्टि भी मिलेगी। सभी अलग-अलग जाति धर्म से है लेकिन ड्यूटी के वक्त इन सबसे उठ कर पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करे।

प्रारंभ में डीजीपी (ट्रेनिंग) राजीव दासोत ने कहा कि एक साल में 11 हजार रिक्रूटर्स को ट्रेनिंग देते हुए बीएसएफ सहित कई पैरामिलिट्री ट्रेनर को साथ लेकर हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार किया गया है जिसकी वजह से पूरे देश में इस संस्थान का गौरव लगातार बढता जा रहा है। इस दौरान आरपीटीसी के पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. विष्णुकंात ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ ही ट्रेनिंग के अलग-अलग पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर की गतिविधियों के साथ नवारक्षकों को दी गई ट्रेनिंग पर प्रकाश डाला। ट्रेनिंग के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में अव्वल रहने वाले नवारक्षकों को भी मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक डॉ. भूपेंद्रसिंह यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर नवारक्षकों ने सामने आ रही कई तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए जीवंत प्रदर्शन भी किया। उन्होंने जिप परेड, लेजियम प्रदर्शन, यूएसी प्रदर्शन, योगा आदि का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पुलिस सचिन मित्तल, पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार, एसीबी के डीआईजी सवाईसिंह गोदारा, पुलिस उपायुक्त धर्मेंद्रसिंह, प्रीति चंदा व डॉ. रवि सहित रेलवे एसपी ममता विश्नोई, ग्रामीण एसपी राहुल बारहट के अलावा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 



source https://krantibhaskar.com/police-fleet-strengthening/

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें