गुरुवार, 22 अगस्त 2019

रखें सब्र, नहीं तो खुल जाएगी कब्र: संत चंद्रप्रभ

रखें सब्र, नहीं तो खुल जाएगी कब्र: संत चंद्रप्रभ

जोधपुर। संत चंद्रप्रभ महाराज ने कहा कि मन में सब्र रखें नहीं तो हमारी जल्दी कब्र खुल जाएगी। मन में धीरज और शांति होना बहुत जरूरी है। नाबालिग बेटी द्वारा पिता की हत्या करने की घटना पर चिंता जाहिर करते हुए संतप्रवर ने कहा कि हम विद्यालय में जाकर बुद्धि को तो शिक्षित कर रहे है लेकिन मन को शांत करना सीख नहीं पा रहे है जिसके चलते एेसी दुखद घटनाएं घट रही है। समाधान कभी भी उग्रता से नहीं शांति से ही प्राप्त होगा। मन को शांत किए बिना विश्वशांति की बातें करना बेमानी होगी। संतप्रवर बुधवार को गांधी मैदान में चल रही प्रवचनमाला के तहत आज करें अपने मन की एमआरआई विषय पर शहरवासियों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सद्गुणों से भरा मन हमारे लिए वरदान है, वहीं दुर्गुणों से भरा मन हमारे लिए अभिशाप है। हमें मन के अनुशासन में रहने की बजाय मन को अपने अनुशासन में रखना चाहिए। मन अगर गुस्से से भरा है तो छोटी-सी बात भी हमें जला देगी और मन सरोवर की तरह शांत है तो चिंगारी भी हमारा कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि भारत का हर व्यक्ति ईमानदार है, पर तभी तक जब तक उसे बेईमानी का मौका न मिले। अगर बेईमानी करने का अवसर मिलने पर भी कोई ईमानदार रहता है तो समझना चाहिए कि वह मन का मालिक बन चुका है। उन्होंने कहा कि मन हमारा मित्र भी है और शत्रु भी। सही रास्ते पर चलने वाला मन हमारा सबसे अच्छा मित्र है और गलत रास्ते पर जाने वाला मन हमारा सबसे बड़ा शत्रु है। जैसे हम तन का मैल रोज धोते हैं वैसे ही हमें मन का मेल भी रोज धोना चाहिए। याद रखें, कपड़े बदल कर संत बनना सरल है, पर इंसान उस दिन सच्चा संत बनता है जब वह अपने मन को भी बदल दिया करता है।

संतप्रवर ने कहा कि हम पीसफुल माइंड, पॉजिटिव माइंड, पावरफुल माइंड, प्लीजेंट माइंड, प्यूरीफाइड माइंड और प्रेयरफुल माइंड के मालिक बनें। मन अगर शांत, सकारात्मक, शक्तिशाली, शुद्ध है तो हमारा सौभाग्य है अन्यथा मन का कमजोर होना हमारे लिए दुर्भाग्य है। मन है मजबूत तो क्या करेगा यमदूत। विजय हमेशा शांत और शक्तिशाली लोगों को नसीब होती है। इस दौरान संत प्रवर ने मन को शांत सकारात्मक और शक्तिशाली बनाने के लिए ध्यान का वैज्ञानिक प्रयोग मुद्राओं के साथ श्रद्धालुओं को करना सिखाया। इस दौरान मधुर गायिका श्रद्धा नाहर ने गुरु भक्ति पर भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मंच संचालन अशोक पारख ने किया।

 



source https://krantibhaskar.com/keep-patience-not-so-open-will/

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