आदिवासी विकास संगठन की एक मजबूत एवं बड़ी सभा हो यह लंबे समय की इच्छा पूर्ण हुई - मोहन डेलकर
सिलवासा, सं. संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में मंगलवार को आदिवासी विकास संगठन द्वारा काफी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के बीच विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. इस अवसर पर सिलवासा के टोकरखाडा विस्तार में स्थित आदिवासी भवन परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें मुख्य रूप से संगठन के प्रमुख मोहन एस. डेलकर मौजूद थे.
प्रदेश के कोने-कोने से आदिवासी समाज के मेरे भाई-बहनें आज काफी संख्या में यहां उपस्थित होकर एकता का डंका बजा आदिवासी अब कमजोर नहीं है यह साबित कर दिया है. उक्त बात आदिवासी विकास संगठन के प्रमुख मोहनभाई डेलकर ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा. मोहनभाई डेलकर ने आदिवासी भवन में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम के दौरान आदिवासी विकास संगठन की एक मजबूत एवं बड़ी सभा हो यह लंबे समय की इच्छा पूर्ण होने की बात भी कहा.
इस अवसर पर डेलकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के महत्वपूर्ण प्रस्ताव के अनुसार ९ अगस्त के दिन को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है. देश-दुनिया में रहने वाले आदिवासियों को आज के दिन अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर देश की मूल संस्कृति एवं कला का प्रदर्शन करने का अमूल्य मौका मिलता है. आज जब देश में प्रकृति, मानव एवं अन्य जीवों पर उत्पन्न हो रही संकट में आदिवासियों के जीवन मूल्यों एवं संस्कृति को बचाया जा सकता है. जिससे इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ऐसी भी उन्होंने आशा व्यक्त की. मोहनभाई डेलकर ने कहा कि आदिवासी विकास संगठन की स्थापना करने का हेतु आदिवासियों को उनका मुलभूत अधिकार प्रदान कराना था. जो सत्ता हासिल किये बिना नहीं हो सकता था. इसके लिए सबसे पहले लोगों में जागृति लाने का कार्य किया गया. कर्मठ आदिवासियों के साथ मिलकर जो संघर्ष किया गया उसका परिणाम आज आपसभी के सामने है. परन्तु आज एक बार फिर संगठन को बिखेरने एवं कमजोर करने की कोशिश हो रही है जिसके लिए सभी को सर्तक रहने की जरूरत है.
इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश गावित ने आदिवासियों के इतिहास से अंजान लोगों के समक्ष आदिवासी वीरों की गाथा का वर्णन किया. जिसमें खासकर उन्होंने कहा कि मुगलो को तीन बार हराने का साहस करने वाले आदिवासी डरपोक नहीं परन्तु वीर थे. उन्होंने आदिवासी को भारतीय समाज का अविभाज्य अंग होने की बात कही. विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति के मूल्यों का जतन हो, आदिवासी समाज मानवीय अधिकारों का रक्षण हो, जल-जंगल, जमीन एवं खनीज संपदा का अधिकार प्राप्त हो एवं खासकर कला एवं शिक्षा का प्रसार-प्रचार हो इस विषय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन कर हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से इस दिवस को मनाया गया. इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमण काकवा, बिरसा मूंडा के वेश में पधारकर अनोखा आकर्षण पेश किया. इस मौके पर केशुभाई पटेल, अमृतभाई पटेल, दीपक पटेल, जयेश पागी सहित के अग्रणियों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में व्यवस्थापक कमेटी के सदस्य जसवंनभाई पटेल, केशुभाई पटेल, कमलेश पटेल, अजय पटेल, गुलाब पटेल, अमृत पटेल एवं सभा का संचालन करने वाले महेशभाई पटेल तथा तुकाराम थोराते की अहम भूमिका रही.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें