बुधवार, 27 जुलाई 2016

मुख्यमंत्री द्वारा आम्रवन का लोकार्पण ३० को 

वापी, सं. गुजरात राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबहन पटेल द्वारा आगामी ३० जुलाई को कपराडा तालुका के बालचोंढ़ी में आयोजित ६७वें राज्यस्तरीय वन महोत्सव के दौरान आम्रवन का लोकार्पण भी किया जाएगा. इस संबंध में वलसाड कलेक्टर रेम्या मोहन ने अधिकारियों के साथ कलेक्टे्रट में बैठक आयोजित की. जिसमें कार्यों के संबंध में समीक्षा कर कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश दी.

इस संबंध में नायब वन संरक्षक सामाजिक वनीकरण जयेश पटेल ने बताया है कि वर्ष २००० में पुनित वन से शुरू हुए सांस्कृतिक वनों की श्रेणी में १३वां सांस्कृतिक आम्रवन है. वलसाड जिला के कपराडा तालुका के बालचोंढ़ी गांव में मुख्य मार्ग पर आम्रवन ४.७१ हेक्टेयर विस्तार में विकसित किया जा रहा है. स्थानिक लोगों के साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले सैलानियों के लिए नया आकर्षक पर्यटन स्थल के साथ लुप्त हो रहे वन औषधियों की जानकारी मिलेगा. उल्लेखनीय है कि राज्य के वनों की शुरू हुए श्रेणी में प्रथम पुनितवन गांधीनगर, मागल्यवन अंबाजी, तीर्थकरवन तारंगा, हरिहरवन सोमनाथ, भक्तिवन चोटिला, श्यामल वन शामणाजी, पावकवन पालीतारा, विरासतवन पावागढ़, गोविंद गुरु स्मृति वन मानगढ़, नागेशवन द्वारका, शक्तिवन कागवड (जेतपुर) एवं जानकीवन भिनार (वांसदा) का समावेश होता है. ६७वें वन महोत्सव अंतर्गत चार सांस्कृतिक वनों में से एक आम्रवन भी है. आम गुजरात राज्य का राज्य फल है. वलसाड का आम विश्व विख्यात है. जिसके आधार पर आम्रवन में प्रख्यात ११ प्रकार के आमों को लगाकर वन बनाया जा रहा है. जिसमें केशर, हापुस, दशेरी, बदामी, लंगड़ा सहित अन्य वृक्षों का समावेश है. इस आम्रवन में प्राचीन ऋषि संस्कृति की झांकी कराने वाले नक्षत्र वन, राशि वन, नवग्रह वन, पंचवटी वन, औषधी वन, आरोग्य वन का भी यहां समावेश किया गया है. आम्रवन में इंटरप्रिटेशन सेंटर की सुविधा भी रखी गयी है. जिसमें प्रवासियों को आम्रवन के विषय में फोटोग्राफ्स के साथ जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी. इसके साथ ही वन संवर्धन के लिए लुप्त होती जातियों, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट भी तैयार किया गया है, तथा वन कुटिर, तालाब, चेकडैम एवं गार्डेन जैसी सुविधा भी आम्रवन में होगा.

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