सोयाबीन को पकाना खतरनाक, इसके बदले बच्चों को दी जाये कोई अन्य पौष्टिक आहार -भीखु भिमरा
सिलवासा, सं. संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के रूदाना पंचायत के एक स्कूल में खाना बनाने के दौरान एक कुकर फट गया. हालांकि इस घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ है लेकिन स्कूल का पतरा टूट गया है. सूचना मिलते ही मौके पर रूदाना पंचायत के जिला पंचायत सदस्य भीखु भिमरा एवं सरपंच पहुंचे थे.
जानकारी के अनुसार रूदाना पंचायत के पारसपाडा में स्थित गुजराती प्राथमिक विद्यालय में रोजाना की तरह शनिवार को भी स्कूल चालू था और कुक द्वारा मध्याह्नï भोजन बच्चों के लिए बनाया जा रहा था. मेन्यू के हिसाब से शनिवार को सोयाबीन पकाया जा रहा था. इसी दौरान सुबह करीब ९ बजे कुक एवं हेल्पर द्वारा कुकर में पकाये जा रहे सोयाबीन का छिलका संभवत: कुकर की सिटी में फंस गया, जिससे कुकर से सिटी नहीं बजा और कुछ ही देर में कुकर फट गया, ब्लास्ट होने के बाद जहां बच्चे पढ़ रहे थे अन्य क्लास में जाकर कुकर का ढ़क्कन गिर गया, अच्छा हुआ वहां लोखंड था उसपर गिरा और पतरा फट गया, अगर वहां लोहा नहीं होता सिर्फ पतरा होता तो कुकर एवं ढ़क्कन नीचे गिरकर बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोग घायल हो सकते थे. इस घटना से स्कूल के विद्यार्थी, कुक-हेल्पर, शिक्षक सभी सहम गये. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर रूदाना जिला पंचायत सदस्य भीखु भिमरा एवं पंचायत सरपंच पहुंचे और जानकारी प्राप्त किया. तत्पश्चात भीखुभाई ने इस घटना की खबर जिला पंचायत सीईओ, शिक्षा अधिकारी जयेश भंडारी एवं चीफ एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सुरेश पटेल को दिया. इसके बाद कुछ ही समय में सूचना पाकर मौके पर आरडीसी शिवम तिओटिया पहुंचे और उन्होंने घटना की जानकारी प्राप्त की. इस दौरान भीखुभाई ने उन्हें घटना के बारे में बताया साथ ही यह भी बताया कि बारिश का समय है और छत का पतरा टूट जाने से क्लासरूम में पानी आयेगा और बच्चों के पढ़ाई पर असर पड़ेगा. जिसपर आरडीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि २ दिनों में इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा और उन्होंने तुरंत ही जयेश भंडारी एवं सुरेश पटेल को फोन कर इस स्कूल को व्यवस्थित करने के लिए निर्देश दिया.
इस संदर्भ में जिला पंचायत सदस्य भीखुभाई भिमरा ने बताया कि सोयाबीन पकाने के दौरान इस प्रकार की घटना पूर्व में खानवेल पटेलाद के उमरवरणी, दूधनी के करचोंड एवं आंबोली विस्तार में भी हो चुका है. उन्होंने कहा कि सोयाबीन एक अच्छा फूड है लेकिन उसे पकाना काफी खतरनाक होता है, ऐसे में इसके स्थान पर बच्चों को कुछ दूसरी पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाये. उन्होंने यह भी बताया कि सोयाबीन की जगह कोई दूसरा मेन्यू बनाया जाये और बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाये. इसके साथ ही कुक भी यह कहते है कि उन्हें खाना बनाने के लिए उन्हें कुकर नहीं चाहिए. सोयाबीन अच्छा फूड है लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद इसे बदलना चाहिए ताकि भविष्य में कोई बड़ी हादसा न हो सके. उन्होंने आरडीसी शिवम तिओटिया का आभार माना और कहा कि उन्होंने इस मामले में तुरंत कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है.
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