
नई दिल्ली: हमारा मकसद आपको डराना नहीं बल्कि सावधान करना है, क्योंकि देश नहीं बल्कि दुनिया से ऐसी खबर आ रही है जिनके बारे में जानना आपको बहुत ही जरूरी है। देश में गुजरात के पाटण जिले में कोरोना के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें कोरोना संक्रमित लोगों में किसी भी तरह के लक्षण नहीं पाए गए, लेकिन जांच के बाद वह कोरोना पॉजिटिव निकले।
गुजरात सरकार के अनुसार, पाटण जिले में कोरोना के 14 में से 9 ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां मरीजों में कोरोना का एक भी लक्षण नहीं दिखाई दिया, लेकिन बावजूद इसके उनका टेस्ट पॉजिटिव आया है। ऐसे लोग सायलेंट करियर के तौर पर लोगों को संक्रमित कर सकते है। इसलिए पाटण कलेक्टर ने लोगों से Social Distancing की अपील की है ताकि इस महामारी को दूसरे लोगों तक पहुंचने से रोका जा सके।
यह कोई पहला मामला नहीं है, ऐसे ही कुछ मामले चीन से भी सामने आए हैं जहां पर कोरोना के मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिखाई दिया है। चीन में ऐसे नए कोरोना के 1541 मामले सामने आए हैं। महामारी विज्ञान के विशेषज्ञ एंटोनी फ्लैहॉल्ट का मानना है कि ये तो अभी कोरोना का पहला ही चरण है। अभी इसके और फेज बाकी हैं। एक तरफ जहां दुनिया अभी कोरोना के पहले फेज से गुजर रही है, वहीं चीन में इसका दूसरा चरण शुरू हो चुका है।
अभी तक जो कोरोना दुनिया में फैला है, उसके लक्षण के आधार पर ही उसके मरीजों की पहचान की जा रही है। कोरोना के मरीज सर्दी, खांसी, गला खराब, बुखार सांस लेने में तकलीफ की समस्या बताते हैं और फिर इसको आधार मानते हुए उनकी जांच की जाती है, लेकिन इस नए कोरोना के संक्रमण का कोई लक्षण ही नहीं है, इसीलिए इसे एसिम्टोमैटिक केस कहा जा रहा है।
क्या है एसिम्टोमैटिक केस
इसका मतलब यह है कि नए कोरोना में मरीज को बीमारी के कोई लक्षण नज़र नहीं आएंगे। मतलब इसकी जानकारी ना तो खुद उस शख्स को होगी और ना ही बिना टेस्ट के कोई डॉक्टर इसका पता लगा पाएगा। यही नहीं टेम्प्रेचर चेक करने वाली मशीन भी इस संक्रमित मरीजों को पकड़ तक नहीं पाएगी।
दुनियाभर में कोरोना के जो मामले अब तक सामने आए हैं वो सिम्टोमैटिक केसेज थे यानी वो कोरोना से संक्रमित भी थे और उनमें इसके लक्षण भी साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। इसलिए उनको पहचानना भी आसान था।
Advertisement
source https://krantibhaskar.com/hindi/hindi-news/national-news/5841/
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें