
कॉर्बेट नेशनल पार्क में अब जंगल का राजा खांसा तो सीधे कैद (क्वारंटाइन) में जाएगा। अमेरिका में कोरोना संक्रमित बाघिन मिलने के बाद कॉर्बेट पार्क में भी सतर्कता बरती जा रही है। बाघों की सेहत पर नजर रखने के लिए पार्क के भीतर सभी कैमरों को वीडियो मोड पर ले लिया है। इससे बाघों के खांसने की आवाज और इनमें जुकाम जैसे लक्षण आसानी से पता चल सकेगा। ऐसे बीमार बाघों को अलग रखने के लिए पार्क के दायरे में ही 10 क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए जा रहे हैं।
आबादी के पास के बाघों को ज्यादा खतरा : क्षेत्र में कई गांव कॉर्बेट पार्क से सटे हुए हैं। ऐसे में यहां विचरण करने वाले बाघों की सुरक्षा चुनौती बन गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है आबादी में आ जाने वाले बाघों को कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक है।
संपर्क में आने वालों की भी जांच होगी : कॉर्बेट पार्क प्रबंधन के अनुसार, बाघ और हाथियों के संपर्क में आने वाले कर्मचारियों की जांच कराने के आदेश भी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने दिए हैं। इसके अलावा बाघ और अन्य वन्य जीवों के बीमार होने की सूचना भी तत्काल एनटीसीए को दी जानी है।
रेस्क्यू सेंटर को क्वारंटाइन सेंटर में बदला : कॉर्बेट पार्क के वार्डन आरके तिवारी ने बताया कि एहतियातन पार्क में क्वारंटाइन सेंटर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। वार्डन ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर 10 के करीब बनाए जाएंगे। रेस्क्यू सेंटर में बने वन्यजीवों के बाड़ों को भी क्वारंटाइन सेंटर बनाने की कवायद चल रही है।
source https://krantibhaskar.com/hindi/hindi-news/state-news/uttarakhand-news/5265/
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