
गुरुवार सुबह-सुबह जब साड़म के लोग सोकर उठे तो जगह-जगह पुलिस-प्रशासन की चहलकदमी देखी। और फिर क्या था, चारों तरफ पुलिस वाहनों का भोंपू बजने लगा। यह देखकर लोग सहम गए कि कहीं कोई बड़ी घटना तो नहीं घटी है। हालांकि कुछ ही देर बाद पता चला कि झारखंड में पहला कोरोना पीड़ित की मौत वहीं हुई है। तुरंत लोगों ने अपने आपको घरों में पूरी तरह से कैद कर लिया।
सुबह से जुट गए थे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी : बेरमो एसडीओ प्रेम रंजन, एसडीपीओ सतीश चन्द्र झा, गोमिया इंस्पेक्टर सुजीत कुमार, जरीडीह इंस्पेक्टर मो. रुस्तम अंसारी, गोमिया बीडीओ सह सीओ ओमप्रकाश मंडल, सीआई सुरेश वर्णवाल, बीईईओ अमिताभ झा, थाना प्रभारी मुकेश कुमार व तेनुघाट ओपी प्रभारी विजय प्रताप सिंह सुबह से ही जुट गए थे।
सेनेटाइज के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा : सुबह जब मृतक के घर को सेनेटाइज किया जाने लगा तो परिजनों का विरोध का सामना पुलिस-प्रशासन को करना पड़ा। हालांकि पुलिस-प्रशासन ने भी सख्ती दिखाते हुए मृतक के पूरे घर को सेनेटाइज किया। पूरे साड़म क्षेत्र में भी सेनेटाइज का छिड़काव किया जाने लगा।
क्षेत्र को तीन किमी तक किया सील : वृद्ध की मौत के बाद साड़म के अतिसंवेदनशील क्षेत्र को तीन किमी के रेडियस में पूरी तरह सील कर दिया गया है। साड़म की ओर जाने वाले बुटबरिया नहर रोड, चटनियाबागी नहर रोड, लाल बांध, हथिया पत्थर, नैनाटांड़, तेनुघाट रोड सहित सात जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। तेनुडैम के पास कॉजवे पुल को पेटरवार बीडीओ इन्दर कुमार, सीओ प्रणव अम्बष्ट, पेटरवार थाना प्रभारी बिपिन कुमार एवं मुखिया पुत्र गोपाली की उपस्थिति में सील किया गया। इमरजेंसी के लिये डैम के टॉप रोड को खोल दिया गया है। सभी दुकानें बंद कर दी गई हैं। सड़कें पर सन्नाटा है। बाजार के सभी बैंक, पोस्ट ऑफिस के अलावा मेडिकल शॉप, राशन दुकान व सब्जी मार्केट को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
आवश्यक कार्यों के लिए नंबर जारी : बेरमो एसडीओ प्रेम रंजन ने बताया कि सभी लोग होम क्वारंटाइन में रहेंगे। किसी व्यक्ति को बाहर जाने की इजाजत नहीं है और न ही बाहर से कोई आ ही सकेंगे। किसी व्यक्ति को कोई आवश्यक कार्य है तो प्रशासन से संपर्क करेंगे। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है।
पहले आर्डियर अस्पताल गया था बुजुर्ग : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमिया के प्रभारी डॉ. हेलन बारला ने बताया कि तीन अप्रैल को आईईएल स्थित आर्डियर अस्पताल में बुजुर्ग ने अपनी जांच कराई थी। लेकिन, वहां उसकी स्थिति को देखते हुए बीजीएच रेफर कर दिया गया था। वह बीजीएच जाने से पहले एनएम मेमोरियल होसिर अस्पताल में भर्ती हुआ था। एक दिन बाद वह बीजीएच गया था। आर्डियर अस्पताल के सीएमओ राकेश महापात्रा ने बताया कि शुरुआती दौर में उसे सांस लेने में तकलीफ थी। यहां आने से पहले वह कई निजी और सरकारी क्लीनिक में अपना इलाज करा रहा था, जिसकी पर्ची भी उसके साथ में थी। उसकी स्थिति गंभीर थी, इसलिए बीजीएच रेफर कर दिया गया था।
जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मी क्वारंटाइन में नहीं : आर्डियर अस्पताल सीएमओ डॉ. महापात्रा ने बताया कि उस मरीज को पूरी सावधानी के साथ चेकअप किया गया था। इसके अलावा इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को पूरी बात बता दी गई है। जैसा आदेश होगा उस परिस्थिति में जांच करने वाले चिकित्सक और संबंधित स्वास्थ्य कर्मी क्वारंटाइन में रहेंगे।
एनएम मेमोरियल अस्पताल होसिर बंद पाया गया : घटना की जानकारी मिलने के बाद एनएम मेमोरियल अस्पताल होसिर में ताला बंद कर दिया गया है। गेट पर तैनात गार्ड ने बताया कि सुबह से अस्पताल बंद है। यहां कोई भी चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी नही हैं। वैसे गेट पर एक सूचना चिपका दिया गया है जिस पर लॉकडाउन रहने तक अस्पताल बंद रहने की बात कही गई है।
source https://krantibhaskar.com/hindi/hindi-news/state-news/jharkhand-news/5259/
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