गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

बिहार में कोरोना का कहर, 12 पॉजिटिव आज मिले, सीवान के 10 लोग एक ही परिवार के कोरोना संक्रमित, कुल Covid 19 संक्रमितों की संख्या हुई 51

बिहार में कोरोना तेजी से फैलने लगा है. बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या में आज भारी इजाफा हुआ है। संख्या बढ़कर 51 पर पहुंच गई है। आज 12 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने इसकी पुष्टि की है। बेगूसराय के दो पुरुषों में कोरोना पॉजिटिव का रिपोर्ट पाया गया है। बिहार के सीवान जिले में ही अभी तक कुंल 20 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जिनमें 14 लोग एक ही परिवार के शामिल हैं। 

पटना में 10 दिनों से नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव 
कोरोना संक्रमण और पीड़ितों की संख्या को लेकर पटना के लिए राहत की बात है। पिछले 10 दिनों से शहर के किसी भी हिस्से से कोरोना के नए पॉजिटिव नहीं मिले हैं। शुरुआत के छह पीड़ितों में से पांच स्वस्थ होकर अपने घर चले गए हैं। छठा मरीज गौतम भी अब पूरी तरह से स्वस्थ है। एक-दो दिन में उसे भी एनएमसीएच से छ्ट्टी मिल जाएगी। 

राहत की बात यह भी है कि पटना से जो पीड़ित पाए गए हैं, उनके सभी रिश्तेदार अथवा अन्य करीबी कोरोना निगेटिव पाए गए हैं। यहां के छह पॉजिटिव में से एक स्कॉटलैंड, एक नेपाल और एक गुजरात से आए थे। बाकी तीन लोग शरणम अस्पताल के कर्मी हैं। ये लोग मुंगेर के कोरोना पीड़ित युवक सैफ अली के संपर्क में आए थे। इस अस्पताल के सभी कर्मियों, वहां भर्ती मरीजों और उनके परिवार तक को चिह्नित कर उनकी कोरोना जांच सिविल सर्जन की टीम द्वारा कराई गई, लेकिन इसमें दो वार्ड बॉय और एक नर्स को छोड़कर कोई पॉजिटिव नहीं पाया गया। 

अचानक से बढ़ गए हैं ब्रेन स्ट्रोक के मामले

कोरोना की दहशत और लॉकडाउन के बीच पटना में ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। आईजीआईएमएस, पीएमसीएच जैसे सरकारी अस्पतालों के आईसीयू मरीजों से भरने लगे हैं। निजी अस्पतालों में भी इन मरीजों की संख्या 80 प्रतिशत बढ़ी है। अचानक से दिमाग की नस फट रही है और आनन फानन में मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि अचानक से ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ना चिंताजनक है। आईसीयू में वैसे भी बेड की संख्या कम है और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ने के बाद सरकारी अस्पतालों में विषम स्थिति खड़ी हो जाएगी। अधिकतर निजी अस्पताल मरीजों को भर्ती करने में मनमानी कर रहे हैं, जिससे सरकारी अस्पतालों की आईसीयू में भीड़ बढ़ रही है। इस मामले में डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा समय में हर कोई लॉकडाउन में है। घरों में कैद लोगों का दायरा सीमित हो गया है और उन्हें संक्रमण का डर भी सता रहा है। इस कारण से रूटीन चेकअप और दवाओं में लापरवाही हो रही है। बिगड़ी दिनचर्या और उस पर तनाव जान पर भारी पड़ रहा है।



source https://krantibhaskar.com/hindi/hindi-news/state-news/bihar-news/5026/

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