जोधपुर। जोधपुर विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा बुधवार को बड़ी कार्यवाही करते हुए विभिन्न स्थानों पर कृषि भूमि पर बसी अवैध कॉलोनियों तथा अवैध व बिना अनुमति के किए गए निर्माण कार्य को बंद करवाया गया। दस्ते द्वारा ग्राम नान्दड़ा खुर्द के खसरा नं. 76, 77, 78 व 79 तथा ग्राम बनाड़ के नागणेचिया वैली-द्वितीय खसरा नं. 111, 128, 129, 130, 132 व 162 पर अवैध रूप से बिना प्राधिकरण की स्वीकृति कृषि भूमि पर काटी गई कॉलोनियों पर कार्यवाही करते हुंए विकासकर्ता को बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए भूखण्ड़ों को विक्रय न करने हेतु पाबंद किया गया।
प्रवर्तन अधिकारी प्रवीण गहलोत ने बताया कि ग्राम नान्दड़ा खुर्द के खसरा नं. 76, 77, 78 व 79 में लगभग 68 बीघा कृषि भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी काटकर कृषि भूखण्डों का बेचान किया जा रहा था जो कि अवैध हैं। उक्त योजना में जोधपुर विकास प्राधिकरण की अनुमति के इतर एवं बिना ले-आउट प्लान अनुमोदित करवाये अवैध रूप से मुटाम व बिजली के पोल लगाकर व डामर सडक़ का निर्माण किया जा रहा था। अवैध योजना के खातेदारों को यह निर्देश प्रदान किए गए कि भूमि का भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 90ए के तहत् प्राधिकरण में आवेदन करने के पश्चात् नियमानुसार पट्टा विलेख जारी करवाकर योजना में विकास कार्य करवाया जाए। ग्राम नान्दड़ा खुर्द में अतिक्रमी द्वारा लगभग 35 गुणा 58 के भूखण्ड पर भू-तल प्लस प्रथम मंजिल का निर्माण कार्य किया जा रहा था। मौके पर अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा निर्माण स्वीकृति दस्तावेज मांगने पर दस्तावेज नहीं पाए गए। दस्ते द्वारा उक्त निर्माण कार्य को बन्द करवाया जाकर सख्त हिदायत दी गयी कि प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करें।
जेडीए के प्रवर्तन अधिकारी द्वारा ग्राम बनाड़ के नागणेचिया वैली-द्वितीय खसरा नम्बर 111, 128, 129, 130, 132 व 162 का मौका निरीक्षण करने पर पाया गया कि अतिक्रमी द्वारा लगभग 40 बीघा कृषि भूमि पर भूमि पर अवैध रूप से गैर अनुमोदित आवासीय योजना विकसित की जाकर कृषि भूखण्डों का बेचान किया जा रहा हैं। मौके पर लगभग 40 बीघा भूमि पर विभिन्न भूखण्डों के मुटाम लगाकर जेडीए की सक्षम स्वीकृति के बिना डामर रोड़ निर्मित करते हुंए अवैध रूप से भूखण्ड़ों का विक्रय किया जा रहा था। मौके पर दस्ते द्वारा अतिक्रर्मियों को निर्देश प्रदान किए गए कि प्राधिकरण में भूमि का खातेदारों द्वारा भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 90ए के तहत् आवेदन करने के पश्चात् नियमानुसार प्राधिकरण से पट्टा विलेख जारी करवाते हुए योजना में विकास कार्य करवाया जाए। गहलोत ने बताया कि खातेदारों द्वारा उक्त कृषि भूमियों का भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 90ए के तहत आवेदन ने करने से प्राधिकरण को राजस्व की हानि होने के साथ ही अवैध कॉलोनियों के निवासियों को मूलसुविधाआें से वंचित रखा जा रहा है।
ग्राम सालावास के विक्टोरिया इण्डस्ट्रीयल पार्क योजना में दर्शाये गये पार्क की भूमि खसरा संख्या 85 रकबा 7 बीघा 7 बीस्वा जोधपुर विकास प्राधिकरण के स्वामित्व की भूमि हैं। विक्टोरिया इन्फ्रा होल्डिंग्स प्राईवेट लिमिटेड योजना लगभग 76 बीघा 10 बीस्वा के क्षेत्र में स्थित हैं। उक्त योजना का ले-आउट प्लान वर्तमान में प्राधिकरण की ले-आउट कमेटी की मिटिंग में स्वीकृत किया गया है किन्तु आज दिनांक तक अनुमोदित मानचित्र जारी नहीं किया गया है तथा विकासकर्ता द्वारा शेष राशि प्राधिकरण कोष में जमा नहीं करवायी गयी हैं। मौके पर उपस्थित दयाराम को हिदायत दी गयी कि प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित मानचित्र जारी होने के पश्चात् ही सडक़ व मुख्य द्वार आदि निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जावें।
source https://krantibhaskar.com/jda-made-illegal-colonies/
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