जोधपुर। प्रतापनगर थाना क्षेत्र में बदमाशों की गाड़ी से हुई जातरू की मौत और फिर एक युवक की चाकू से गोद कर हत्या करने के मामले में आरोपियों का पुलिस ने सुराग ढूंढ़ा है। मुख्य अभियुक्त हाथ नहीं लगा है। कुछ को पुलिस ने दस्तयाब कर पूछताछ आरंभ की है। इधर आज सुबह शव को लेकर काफी देर तक गतिरोध बना रहा। बाद में जनप्रतिनिधियों ने समझाइश कर मामला शांत करवाया। दोपहर में समाज के श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही।
सनद रहे कि व्यास कॉलोनी जयनारायण का नोहरासूरसागर क्षेत्र में रहने वाले जोरावर सिंह (29) पुत्र गणपतसिंह जोकि सूरसागर क्षेत्र में ही केबल टीवी का काम करता था। गत 21 अगस्त की रात्रि को वह प्रतापनगर क्षेत्र में अपने साथी के साथ आया। तब परमानंद होटल के पास एक लग्जरी गाड़ी में सवार होकर आए कुछ लोगों ने गाड़ी को तेज व लापरवाही से चलाते हुए कुछ राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस पर जोरावर सिंह बाइक से इस गाड़ी का पीछा करने लगा। पीछा करता हुआ जोरावर सिंह पांचवी रोड छोटी ईदगाह के पास पहुंचा तो गाड़ी में सवार बदमाशों आदिल, आकिब, सिकन्दर, इरफान, फराज और उसके साथियों ने अचानक गाड़ी रोक दी और जोरावर सिंह से घेराबंदी कर मारपीट की। साथ ही चाकूओं से हमला कर दिया। कुछ ही देर में हमलावर अपनी गाड़ी लेकर मौके से भाग छूटे। तब मौके पर पहुंची पुलिस ने उसको एमजीएच पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शिनाख्त नहीं होने पर उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डाली तो उसके रिश्तेदार और दोस्त पहचान कर एमजीएच की मोर्चरी पहुंचे। बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक पुलिस इस मामले को दुर्घटना का ही मान रही थी जबकि मृतक की बाइक भी मौके से गायब मिली। जब मृतक के परिजनों, समाजबंधुओ और परिचितों ने आक्रोश जताना शुरू किया तो पुलिस ने जांच पड़ताल तेज की तब मामला हत्या का सामने आया। पुलिस देर रात मृतक के भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
मोर्चरी में फिर हुआ हंगामा
शुक्र वार सुबह इस मामले को लेकर माहौल बिगडऩे की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारियों ने जयपुर तक घटना की जानकारी दी। शहर विधायक मनीषा पंवार और रावणा राजपूत समाज के पदाधिकारी जोधपुर पहुंचकर मोर्चरी पहुंचे। दो तीन दौर की हुई वार्ता के बाद आखिर पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता और यथासंभव सहयोग तथा हमलावरों के शीघ्र गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजन शव उठाने को तैयार हो गए।
मॉब लिंचिंग को कश्मकश
गुरुवार बारह बजे से लेकर आज बारह बजे के बीच कई बार माहौल बिगडऩे लगा और तब मामले को सांप्रदायिक रंग देने के के प्रयास भी किए गए। पुलिस के अधिकारियों को जब समाज के बंधुओं ने हाल में लागू हुए माब लिचिंग एक्ट की धाराएं जोडऩे का दबाव बनाया तो वे बगले झांकते नजर आए।
मुख्य अभियुक्त आदिल
प्रतापनगर थानाधिकारी पुष्पेंद्रसिंह आढ़ा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह सामने आया है इसका मुख्य अभियुक्त आदिल है, जो बदमाश प्रवृति का है। इसका पता अभी नहीं लगा है। जो लोग हाथ लगे है उनसे पूछताछ की जा रही है। दोपहर में शव का अंतिम संस्कार कराया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र की जाएगी।
source https://krantibhaskar.com/public-representation/
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