जोधपुर। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागछ संघ के तत्वाधान में जोधपुर में प्रथम बार 45 आगमों की सजावट मन भावन प्रदर्शनी के रूप में आगम श्रृंगार सजाया संवारा गया व श्रीकृष्णा जन्माष्टमी पर गुणगान किया गया।
संघ प्रवक्ता धनराज विनायकिया ने बताया कि श्री रत्न प्रभ धर्म क्रिया भवन प्रांगण में साध्वी प्रफुल्लप्रभा, वैरागपूर्णा की निश्रा में जिस तरह ज्ञान पंचमी के ज्ञानपद आराधना की जाती है वेसे ही जैन धर्म के (45) पेतालीस आगमों की प्रदर्शनी का शुभारंभ दर्शन वंदन पूजा अर्चना के साथ एक एक आगम का विवेचन तप आराधना का भव्य आयोजन जिनशासन रसिक महान विभूतियों के रूप में नन्हे-मुन्ने बालक बालिकाओं द्वारा कोई कृष्ण बना कोई श्याम तो कोई महावीर कोई राम तो कोई पुण्या श्रावक भरत चक्रवती बाहुबली संपत्ति महाराजा सरस्वती देवी लक्ष्मी देवी पद्मावती राजूल मयणा सुंदरी तो कोई चंदनबाला अलग-अलग पात्रों द्वारा प्रथम बार एेसा अनूठा अनोखा नजारा देखने को मिला। कई श्रावक श्राविकाओं श्रद्धालु भक्तों ने ज्ञान आगम समक्ष दर्शन वंदन पूजन कर आगम ज्ञान की आराधना की।
श्रीज्ञान सुंदर धार्मिक पुस्तकालय संयोजक अमृतराज गोलियां आदिश्वर महिला मंडल की अध्यक्षा चंदू मोहनोत व विनायकिया ने बताया कि प्रवचन दरम्यान साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री ने कहा कि आगामी आने वाली जैन चौबीसी में श्रीकृष्ण भगवान तीर्थंकर बनेंगे। उन्होंने कहा कि परमात्मा के श्री मुख से निकली वाणी यही आगम है 45 आगमों में केवली भगवंतो द्वारा भाषित जिनवाणी का पूर्ण समावेश सार समाया हुआ है। स्थानकवासी में 32 आगम तथा मूर्तिपूजक में 45 आगम की मान्यता विद्यमान है। श्रीकृष्ण गुणगान करती हुए साध्वी वैराग्यपूर्णा ने आगामी 24 में तीर्थंकर बनने वाले श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि 18 हजार मुनिजनों के एक साथ भाव भरा वंदन करने पर श्री कृष्ण ने तीर्थंकर नामगोत्र पदवी का उपार्जन किया वे आगामी जैन चौबेसी में 12 वें अमन नाम के तीर्थंकर बनेंगे। इस अवसर पर कई संस्था संगठनों के पदाधिकारीगण व श्रावक श्राविकाएं मौजूद थे। संघ के चंदू सुरेश पगारिया राजेंद्र शाह पोरवाल विनायकिया ने सभी का आभार जताया।
source https://krantibhaskar.com/kickback-chelenham-45/
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