जोधपुर। चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। इस लोक अदालत में आपसी समझाइश व राजीनामा से कई प्रकरणों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत के लिए हाईकोर्ट व निचली अदालतों को मिलाकर कुल 28 बैंच गठित की गई थी। हाईकोर्ट में पांच बेंच गठित की गई।
लोक अदालत में कोर्ट में विचाराधीन मामलों को राजीनामे से निपटाने के पूरी तरह से प्रयास किए गए। इनमें आपसी विवाद, पारिवारीक विवाद और लेनदेन के मामले ज्यादा सामने आए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर महानगर के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश नरसिंहदास व्यास ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पूरे न्यायालय परिसर में कुल 23 बेंचों की स्थापना की गई। इनमें पीठासीन न्यायिक अधिकारियों ने अध्यक्ष के रूप में कार्य किया तथा प्रत्येक बैंच के लिए एक अधिवक्ता सदस्य के रूप में उपस्थित थे। इसी तरह हाईकोर्ट में पांच बैंचों का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (लोक अदालत) विनियम 2009 के प्रावधानों के नियम 6(ख) की पालना में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के स्तर पर राजस्थान उच्च न्यायालय के आसीन न्यायाधिपतियोंं की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत की बैंचों का गठन किया गया था।
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सोमवार, 10 सितंबर 2018
राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामे से निपटाए कई मामले
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