जोधपुर। लोक देवता बाबा रामदेव का मेला नजदीक आने के साथ ही अब प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी सूर्यनगरी में बाबा के जातरूआें की रौनक दिखाई देने लग गई है। शहर की सडक़ों पर अब जै बाबा री की गूंज सुनाई दे रही है। इसके साथ ही इन जातरूआें की सेवार्थ कई स्थानों पर शिविर भी खुलने लग गए है। शहरवासी इन जातरूआें की मान मनुहार में जुट गए है।
भादवा माह में रामदेवरा जाने वाले पद यात्रियों के जत्थे तडक़े से देर रात तक भजनों और जयकारों की गूंज के साथ जोधपुर की सडक़ों पर आगे बढ़ रहे है। रवानगी स्थल से लेकर मुकाम के बीच पदयात्रियों की सेवा के लिए जगह-जगह भंडारे खुल रहे है। इनमें चाय-नाश्ता, खाना और उपचार की सुविधाएं है। भंडारे से कोई जातरू निराश होकर नहीं जा पाए। इसलिए भंडारा संचालक पदयात्रियों व जातरुओं से आग्रह करते देखे जा रहे है। कोई कहता है- आओ सा…थाक गिया… थोड़ो आराम करल्यो…चाय-पाणी और नाश्ता तैयार है। थोड़ो सुस्ताल्यो…डील नै आराम मिल जासी…अरे-अरे आओ नी साब…थोड़ो-बोत नाश्तो करल्यो…। पाली रोड़ हो या जयपुर रोड़ इस समय जातरुओं की रेलमपेल है। सडक़ किनारे भंडारे संचालित हैं। शहर में जगह जगह भंडारे की होड़ सी मची है। इस दौरान जै बाबा री….भलो करसी बाबो…जय बोलो तेजा महाराज की… तेजा थारे पगा उबाणे आऊं रे…जैसे भजनों की गूंज है।
जोधपुर में बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ के दर्शन कर जातरू जैसलमेर के रामदेवरा जाते है जहां मुख्य मेला भरेगा। जैसलमेर रोड़ फर जातरूओं की मान मनुहार में जगह जगह शहरवासी जुटे है। मेला एक सितंबर से परवान चढऩे लगेगा। हालांकि 15 अगस्त को भादवा सुदी बीज लगते ही पैदल, साइकिल, बाइक, बसों से हजारों जातरू आना शुरू हो गए है। रेलवे ने जातरुओं की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेने चलाई है वहीं रोडवेज भी विशेष बसे़ चला रहा है।
source https://krantibhaskar.com/hear-in-the-city/
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