मंगलवार, 20 अगस्त 2019

पूर्व गृह मंत्री, चिदंबरम के घर पहुंची ईडी और सीबीआई, कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं चिदंबरम

पूर्व गृह मंत्री, चिदंबरम के घर पहुंची ईडी और सीबीआई, कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं चिदंबरम

आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम पर गिरफ्तार की तलवार लटक रही है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पहले सीबीआई उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय चिदंबरम के घर पहुंची। हालांकि, चिदंबरम घर पर नहीं मिले।

पी. चिदंबरम के लिए पैरवी कर रहे सीनियर कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा- हमें कल इस मामले में सबसे सीनियर जज से एप्रोज करने की सलाह दी गई है। इस केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई कर रही है।

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन का मामला दाखिल किया है। जस्टिस सुनील गौड़ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर 25 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था।

मीडिया से खुद को दूर रखा चिदंबरम

कांग्रेस नेता चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद चुप्पी साधे रखी और मीडिया से खुद को दूर रखा। जब अदालत द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने की खबर आई, उस वक्त चिदंबरम कुछ कनिष्ठ वकीलों के साथ उच्चतम न्यायालय में थे।

बाद में वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद और दायन कृष्णन भी चिदंबरम के पास पहुंचे और काफी सलाह मशविरा किया। सिब्बल ने मीडिया से बात की और जिस तरीके से दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में चिदंबरम की याचिका खारिज की उसकी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि 15 महीने से गिरफ्तारी से राहत थी और फैसला 24 जनवरी को सुरक्षित रखा गया था और न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने अपनी सेवानिवृत्ति के दो दिन पहले इसे सुनाया। सिब्बल ने कहा, ”फैसला अपराह्न तीन बजकर 20 मिनट पर सुनाया गया। हम नहीं जानते क्यों इस समय सुनाया गया। हमने उच्चतम न्यायालय में अपील करने के लिये तीन दिन के लिये फैसले को लागू किये जाने पर रोक लगाने के लिये कहा। उन्होंने कहा (न्यायमूर्ति गौड़) कि वह आदेश सुनाएंगे, जिसे शाम चार बजे सुनाया गया।

उन्होंने कहा कि वह फैसले की प्रति के बिना ही शीर्ष अदालत में हैं और उच्चतम न्यायालय का रुख करने के लिये चीजें कठिन बनाई गईं।



source https://krantibhaskar.com/ed-and-cbi-reached-chidambarams-house/

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