Movie Review : डायरेक्टर रोहित धवन की फिल्म "ढिशूम" सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। सुपरहिट "देसी ब्वॉयज" के बाद बतौर डायरेक्टर और राइटर रोहित की यह दूसरी फिल्म है। इसके अलावा, अक्षय खन्ना ने करीब चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी के लिए भी यह फिल्म चर्चा में है। इतना ही नहीं, अक्षय कुमार का कैमियो भी लोगों के बीच सुर्खियां बटोर रहा है। लेकिन वाकई फिल्म कैसी है? देखनी चाहिए या नहीं?
आइये जानते हैं इन सवालों के जवाब:
क्या है कहानी :
रोहित धवन ने फिल्म की कहानी लिखी है। इसके मुताबिक, इंडिया-पाकिस्तान के फाइनल मैच के ठीक पहले टॉप इंडियन बैट्समैन विराज शर्मा (साकिब सलीम) का अपहरण हो जाता है। इस क्रिकेटर को ढूंढने की जिम्मेदारी इंडिया से पुलिस ऑफिसर कबीर शेरगिल (जॉन अब्राहम) को दी जाती है, जिसकी मदद मिडिल ईस्ट से जुनैद अंसारी (वरुण धवन) करता है। दोनों के पास 36 घंटे का समय है? वे ऐसा कर पाते हैं या नहीं? आखिर विराज की किडनैपिंग के पीछे किसका हाथ और क्या मकसद है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको सिनेमाघरों का रुख करना होगा।
कैसा है डायरेक्शन - फिल्म की कहानी में नयापन नहीं है। लेकिन अच्छे स्क्रीनप्ले की वजह से यह ऑडियंस को बांधे रखती है। फर्स्ट हाफ में रोहित ने कुछ कॉमिक सीन डाले हैं, जो ऑडियंस को ठहाके लगवाने में सक्सेसफुल रहते हैं। वहीं, सेकंड हाफ में फाइट और रोमांस सीक्वेंस ऑडियंस को भरपूर एंटरटेन करती हैं।
स्टारकास्ट और परफॉर्मेंस - फिल्म में जॉन अब्राहम ज्यादातर अपनी बॉडी दिखाते नजर आए हैं। उन्हें एक्टिंग पर थोड़ी सी मेहनत और करनी चाहिए थी। वहीं, वरुण धवन उसी अंदाज में दिखे हैं, जिन्हें "मैं तेरा हीरो" जैसी फिल्मों में देखा जा चुका है। हां, उनके वन लाइनर्स जरूर ऑडियंस को एंटरटेन करते हैं। विलेन वाघा के रोल में अक्षय खन्ना की सफल वापसी कही जा सकती है। लेकिन फिल्म का सरप्राइज अक्षय कुमार हैं, जो एक से डेढ़ मिनट के कैमियो के बावजूद बाक़ी स्टार्स पर भारी पड़ते हैं। साकिब सलीम और जैकलीन फर्नांडीज ने अच्छा काम किया है।
म्यूजिक - फिल्म का संगीत प्रीतम ने दिया है। "सौ तरह के..." सॉन्ग पहले ही ऑडियंस के बीच हिट हो चुका है। वहीं, टाइटल सॉन्ग "तो ढिशूम..." और आइटम नंबर "जानेमन आह..." पॉपुलर हो चुके हैं। "इश्का..." भी अपनी जगह ठीक है। रोहित ने अपनी पिछली फिल्म "देसी ब्वॉयज" के सॉन्ग "सुबह होने न दे" के रीमिक्स वर्जन का भी इसमें बखूबी इस्तेमाल किया है। बात बैकग्राउंड स्कोर की करें तो अभिजीत वाघानी ने अच्छा काम किया है।
देखें या नहीं? - अगर आप वरुण धवन के दीवाने हैं और एक्शन पैक फिल्में देखना पसंद है तो यह फिल्म आपके लिए ही है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें